Home छतरपुर विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी : जॉनसन

विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी : जॉनसन

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वीरांगना अवंती बाई महाविद्यालय में एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान सम्पन्न


छतरपुर। वीरांगना अवंती बाई ग्रुुप ऑफ एजुकेशन द्वारा आयोजित ग्लोबल लेक्चर सीरीज ऑन साइंस एंड इनोवेशन के अंतर्गत एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं अतिथि व्याख्यान का आयोजन वीएबी कैंपस में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आयरलैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ लिमरिक से आए प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. माइकल जॉनसन रहे, जिन्होंने इंटरनेशनल कोलॉबरेशन ऑन साइंस एंड इनोवेशन विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम संस्था के डायरेक्टर डॉ. अशोक दीक्षित, डॉ. दीप्ति मिश्रा प्राचार्य, डिग्री कॉलेज, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पीडीएस कॉलेज शशांक दीक्षित, एसोसिएट डायरेक्टर सुमित दीक्षित तथा उपप्राचार्य डॉ. अभिषेक कुमार अवस्थी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इसके अतिरिक्त वीरांगना अवंती बाई ग्रुप ऑफ एजुकेशन के लॉ कॉलेज, डिग्री कॉलेज एवं नर्सिंग कॉलेज के सभी सहायक प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। सभी महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस मौके पर विषय विशेषज्ञ श्री जॉनसन ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग अत्यंत आवश्यक है। ज्ञान, शोध और तकनीक के आदान-प्रदान से ही विश्व स्तर पर सतत विकास को गति मिल सकती है। कार्यक्रम का संचालन कैलाश चतुर्वेदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. पवनेश तिवारी, प्राचार्य (नर्सिंग) डॉ. नीतेश सोनी, नीलेश द्विवेदी, उपप्राचार्य नवीन सूद, राजकुमार साहू, डॉ. अनूप दीक्षित, एलबी अस्थाना, नरेश द्विवेदी, प्रभा चौरसिया, नीरज द्विवेदी, प्रवीण पटेरिया, नरेश मिश्रा, रामतीर्थ पटेरिया, रितिका सिंह परमार, अमीना खातून, अशोक पाठक, खुशबू दीक्षित, यश खरे, वैभव शर्मा, शिवानी साहू, लवली राजपूत, दिनेश शुक्ला सहित समस्त ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोगी भूमिका निभाई। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं नवाचार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। यह कार्यक्रम संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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