पन्ना। जिले की सबसे बड़ा तहसील मुख्यालय पवई नगर की विद्युत व्यवस्था पूर्णता चौपट हो चुकी है 15 हजार की लगभग आबादी बाले इस नगर में प्रतिदिन शॉर्ट सर्किट तो कहीं केवल टूटने या जलने या ट्रांसफार्मर जलने की खबरें आ रही है अब सवाल पैदा होता है कि प्रतिवर्ष मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने वाले विभाग मैं केवल औपचारिकताएं ही होती हैं क्या बिजली विभाग की व्यवस्थाओं को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि एक छोटे से नगर की विद्युत व्यवस्था को विद्युत अमला दुरुस्त नहीं कर पा रहा है संपूर्ण पवई नगर दो से ढाई किलोमीटर क्षेत्र में बसा हुआ है पन्ना जिले की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शासन द्वारा 3 वर्ष पूर्व डेढ़ सौ करोड रुपए दिए गए थे जिसमें सिर्फ पवई के हिस्से में कितना काम हुआ यह वर्तमान स्थिति देखकर आकलन किया जा सकता है ग्रामीण क्षेत्र की तो बात ही मत कीजिए क्योंकि यहां एक-एक महीने से लाइट नहीं रहती और उनके पास केवल बहाना एक ही रहता है की वसूली नहीं हुई लेकिन जब पवई नगर की बात आती है तो यहां की उपभोक्ता सत् प्रतिशत अपना भरते हैं विद्युत विभाग जहां डिवीजन कार्यालय भी है अभी तक यह नहीं तय कर पाया है कि नगर में निरंतर रूप से विद्युत प्रवाह की मजबूत व्यवस्था कैसे बने इसके लिए इनके पास पर्याप्त रूप से बजट भी उपलब्ध रहता है पवई नगर की सबसे बड़ी विडंबना रही है कि यहां जागरूक तथा समर्पित जनप्रतिनिधि नहीं है अधिकारियों की चाटुकारी, दलाली मैं सलंग्नता किसी से छुपी नहीं है तथा यह लोग समय-समय पर पवई के भोले भाले लोगों पर प्रशासनिक डकैती कराने से भी नहीं चूकते और सभी अपनी- अपनी रोटी सेकने मे मशगूल है
विद्युत विभाग को चाहिए कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद नागरिकों को विद्युत की स्थाई तथा निरंतर सुविधा दे ताकि विभाग के प्रति जनता की मनोभावना परिवर्तित हो सके










