छतरपुर। ग्राम धमौरा हाल निवासी सीताराम कालोनी छतरपुर निवासी महेन्द्र तिवारी पुत्र सुन्नूलाल तिवारी ने जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि चंद्रशेखर तिवारी और श्रवण अवस्थी सहित अनेक लोगों के साथ विधायक श्रीमती ललिता यादव के निवास पर जाकर अपने 19 वर्षीय बेटे उत्कर्ष उर्फ राज तिवारी की मृत्यु को हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई। छतरपुर विधायक श्रीमती ललिता यादव ने तत्काल पुलिस अधीक्षक अगम जैन से बात की और मृतक के परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में न्यायोचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि उत्कर्ष का शव विगत 17 जनवरी को ग्राम कदारी के रेलवे पुल से करीब 400-500 फुट दूर संदिग्ध हालत में पाया गया था। किसी का फोन आने पर वह 16 जनवरी को शाम 6 बजे मोटर साइकिल लेकर घर से चला गया था। उत्कर्ष तिवारी तीन बहनों में इकलौता भाई था। परिजनों ने विधायक को बताया कि उत्कर्ष के शरीर पर, पीठ पर मारपीट, सिर तथा चेहरे में चोट के निशान पाए गए थे। उन्होंने ग्राम कदारी की एक लड़की आकांक्षा उर्फ अंशिका मिश्रा, उसके मामा के लडके अमित शुक्ला व साथियों पर उत्कर्ष की हत्या का इल्जाम लगाते हुए हुए कहा कि उन्होंने अपराध को छिपाने की मंशा से शव रेलवे लाइन में डालकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। मृतक के परिजनों ने कहा कि सिविल लाइन थाना पुलिस भी अपराधियों से मिल चुकी है, इसलिए उनके बेटे की सुनियोजित हत्या करने वालों के विरूद्ध हत्या का अपराध पंजीबद्ध नहीं कर रहीं है। उन्होंने आरोपियों के विरूद्ध शीघ्र हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध कर प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराने की मांग की।











