सो एकड जमीन से अतिक्रमण हटाने के तहसीलदार को दिए निर्देश,
बिजावर 2 नवंबर 2025: मध्य प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने आज श्री जटाशंकर धाम पहुंचकर ग्राम बडागाव स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र जटाशंकर धाम, जो बुंदेलखंड के ‘केदारनाथ’ के रूप में जाना जाता है, के आसपास स्थित इस गौशाला में गोमाता की सेवा को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने गौ पूजन कर गौशाला संचालन के लिए आवश्यक अवयवस्थाओं पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गायों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को तत्काल मजबूत किया जाए, ताकि पशुपालन विभाग की योजनाओं का पूर्ण लाभ ग्रामीणों को मिल सके। विशेष रूप से, गायों को पानी की आपूर्ति में आ रही बिजली संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के लिए संबंधित विभागों को सख्त हिदायत दी गई। श्री पटेल ने कहा कि गौमाता की सेवा ही हमारी संस्कृति का आधार है, और कोई भी कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौशाला के आसपास की लगभग 100 एकड़ जमीन पर वर्षों से अतिक्रमण की समस्या को लेकर राज्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बिजावर अनुभाग के तहसीलदार श्री अभिनव शर्मा को तत्काल संज्ञान लेते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि ‘खेरा समिति सेवक’ द्वारा इस जमीन पर लंबे समय से कब्जा किया हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को अपने पशुओं को चराने में भारी कठिनाई हो रही है। इससे आये दिन विवाद की स्थिति बन रही है, जो स्थानीय शांति के लिए खतरा बनी हुई है। श्री पटेल ने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर कोई अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा, और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।इसके अलावा, राज्यमंत्री ने ग्राम पंचायत ढिलारी की गौशाला का भी दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय पशुपालकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने पशुपालन विभाग की योजनाओं, जैसे मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना, के तहत लाभ सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। दौरा समाप्ति पर सेवा भारती आश्रम में आयोजित सामूहिक भोजन कार्यक्रम में श्री पटेल ने भाग लिया, जहां ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के बीच सौहार्द का माहौल रहा। जटाशंकर धाम मे भगवान शिव मंदिर मे मंत्री ने दर्शन कर सभी की खुशहाली की कामना की
यह दौरा न केवल गौशाला संचालन को मजबूत करने वाला है, बल्कि अतिक्रमण मुक्ति अभियान को गति देने वाला भी साबित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने राज्यमंत्री के सक्रिय रुख की सराहना की है, उम्मीद है कि इससे क्षेत्र में पशुपालन को नई गति मिलेगी।











