महाबली हनुमान प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में बागेश्वर महाराज ने लगाई हाजरी
जानराय टोरिया में चल रहा है नौ दिवसीय महाकुंभ
छतरपुर। शहर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जानराय टोरिया में इन दिनों लगातार धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। भारत की सबसे विशाल 51 फुट की अष्टधातु की श्री हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इस प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी अपनी हाजिरी लगाई।
महाबली हनुमान प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभ अवसर पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। जानराय टोरिया में आयोजित इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि चरण सिर्फ मंदिर तक पहुंचाते हैं लेकिन आचरण मनुष्य को परमात्मा तक पहुंचाता है। उनके इस संदेश ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। महाराज जी ने श्रद्धालुओं से कहा कि जब भी कथा में बैठें तो केवल सुनने के लिए नहीं बल्कि कुछ सीखने के संकल्प के साथ बैठें। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगवान की कथा को केवल कानों तक सीमित न रखें बल्कि उसे अपने हृदय में उतारने का प्रयास करें। महाराज श्री ने जिले के सभी तीर्थ और प्रमुख पुरातन स्थलों का बखान किया। इस अवसर पर 120 वर्षीय महंत रामबालक दासजी, गोरखपुर 103 वर्षीय महामंडलेश्वर रामाचार्य जी महाराज, डाकोर (गुजरात), महामंडलेश्वर रामश्रेष्ठ महाराज, राधे बाबा, निर्मोही आश्रम, सांवरिया धाम, राजस्थान, महामण्डलेश्वर सुरेन्द्र दास जलाराम(गुजरात), महामंडलेश्वर श्री रामगिरि ‘डंडा बाबा’, पचोर
महामण्डलेश्वर पुरूषोत्तमदास शिवपुरी, महामंडलेश्वर अनिलानंद दास प्रेमकुंज पीठ, महन्त सीतारामदास महाराज बुन्देलखण्ड पीठ, महंत रामगोपाल दासजी नागा संत नासिक, महन्त लवली भोलानाथ दिल्ली, महन्त हनुमान दास महाराष्ट्र, महन्त गोवर्धन दास, गुजरात, महंत श्री कौशलेंद्र दास जी आजानभुज सरकार, महंत श्री महावीर दासजी, अनगढ़ सरकार, महंत रामचरण दास,चरणपादुका, महंत रामेश्वरदास, चौपड़िया म.प्र, साध्वी अरुणा दासजी, गुजरात जलारामबापा,साध्वी सोनिया भोलानाथ, दिल्ली, महामंडलेश्वर राधामोहन दासजी भोपाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
महा अष्टमी में महाराज श्री ने किया कन्या पूजन धोए चरण
नवरात्रि के पावन अवसर पर अष्टमी के दिन बागेश्वर महाराज ने विधि-विधान से कन्या पूजन कर भक्तों के लिए श्रद्धा और सेवा का प्रेरणादायक संदेश प्रस्तुत किया। पूरे अनुष्ठान के दौरान महाराज जी माता रानी की आराधना में पूर्ण भक्ति भाव से लीन नजर आए। पूजन के दौरान महाराज श्री ने स्वयं सभी कन्याओं के चरण धोए, उनका तिलक कर सम्मान किया और उन्हें माता का स्वरूप मानकर ससम्मान प्रणाम किया। यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा। महाराज जी ने अपने हाथों से सभी कन्याओं को प्रसाद स्वरूप भोजन परोसा जिससे उनकी सेवा भावना और विनम्रता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। वहीं कन्याओं ने भी महाराज जी के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया, जो इस अनुष्ठान का विशेष आकर्षण रहा। अंत में महाराज जी ने सभी कन्याओं को दक्षिणा और चुनरी भेंट कर उनका सम्मान किया। इस पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि समाज को सेवा, सम्मान और संस्कारों का संदेश भी दिया।










