Home डेली न्यूज़ किले हमारी संस्कृति, संस्कार और स्वाभिमान के प्रतीक: प्रधानमंत्री 

किले हमारी संस्कृति, संस्कार और स्वाभिमान के प्रतीक: प्रधानमंत्री 

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 124 वीं कड़ी में आज कई महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ ही देशवासियों व देश की सफलताओं पर भी बात की। इसके अलावा पीएम ने बुंदेलखंड और मराठा किलों का जिक्र किया। उन्होंने  हाल ही में अंतरिक्ष जाकर लौटे भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का भी जिक्र किया। 

     पीएम मोदी ने बुंदेलखंड के किलों की सराहना करते हुए कहा कि ये किले सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं है, ये हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। संस्कार और स्वाभिमान आज भी इन किलों की ऊंची-ऊंची दीवारों से झाँकते हैं। उन्होंने सभी देशवासियों से आग्रह किया की इन किलों की यात्रा कर अपने इतिहास को जान कर गौरव महसूस करें। पीएम मोदी ने बुंदेलखंड के उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में स्थित कालिंजर किले का खासकर उल्लेख करते हुए कहा कि महमूद गजनवी ने कई बार इस किले पर हमला किया और हर बार असफल रहा। उन्होंने बुन्देलखंड के ग्वालियर, झांसी, दतिया, अजयगढ़, गढ़कुंडार और चँदेरी आदि किले का भी नाम लिया। 

   पीएम मोदी ने कहा कि देश के और हिस्सों में भी ऐसे ही अद्भुत किले हैं, जिन्होंने आक्रमण झेले, खराब मौसम की मार झेली, लेकिन आत्मसम्मान को कभी भी झुकने नहीं दिया। राजस्थान का चित्तौड़गढ़ का किला, कुंभलगढ़ किला, रणथंभौर किला, आमेर किला, जैसलमेर का किला तो विश्व प्रसिद्ध है। कर्नाटक में गुलबर्गा का किला भी बहुत बड़ा है। चित्रदुर्ग के किले की विशालता भी आपको कौतूहल से भर देगी कि उस जमाने में ये किला बना कैसे होगा। पीएम ने बताया कि यूनेस्को ने 12 मराठा किलों को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में मान्यता दी है। इनमें 11 किले महाराष्ट्र और एक किला तमिलनाडु में। हर किले से इतिहास का एक-एक  पन्ना जुड़ा है। हर पत्थर, एक ऐतिहासिक घटना का गवाह है। सल्हेर का किला, जहाँ मुगलों की हार हुई। शिवनेरी, जहाँ छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ। किला ऐसा जिसे दुश्मन भेद न सके। खानदेरी का किला, समुद्र के बीच बना अद्भुत किला। दुश्मन उन्हें रोकना चाहते थे, लेकिन शिवाजी महाराज ने असंभव को संभव करके दिखा दिया। प्रतापगढ़ का किला, जहाँ अफजल खान पर जीत हुई, उस गाथा की गूंज आज भी किले की दीवारों में समाई है। विजयदुर्ग, जिसमें गुप्त सुरंगें थी, छत्रपति शिवाजी महाराज की दूरदर्शिता का प्रमाण इस किले में मिलता है। मोदी ने बताया कि उन्होंने कुछ साल पहले रायगढ़ का दौरा किया था। छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने नमन किया था। ये अनुभव जीवन भर उनके साथ रहेगा।  

शुभांशु ने बढ़ाया पूरे देश का गौरव 

     प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत ही शुभांशु शुक्ला से की। उन्होंने कहा, शुभांशु ने पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। वह जैसे ही स्पेस से धरती पर लैंड हुए, पूरा देश खुशी से सराबोर हो गया। उनकी इस सफलता के बाद वर्ष 2023 में चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद अंतरिक्ष व विज्ञान के मामले में भारत में नया माहौल बना है। इस तरह की कामयाबियों को देखकर छोटे बच्चे अंतरिक्ष में जाने की इच्छा जताते हैं।
देश में तेजी से बढ़ रहे स्पेस स्टार्ट-अप
    प्रधानमंत्री ने देश में स्पेस स्टार्ट-अप लगातार और तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 5 वर्ष पहले भारत में स्टार्टअप 50 से भी कम थी और वर्तमान में केवल अंतरिक्ष के क्षेत्र में ही यह संख्या 200 से अधिक हो गई है। पीएम ने देशवासियों से कहा कि अगले महीने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस है और आप इसे किस तरह सेलिब्रेट करेंगै। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर को कोई नया विचार हो तो मुझे नमो एप पर जरूर भेजें।
इंस्पायर मानक अभियान
   प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘इंस्पायर मानक अभियान’ के तहत अपना आइडिया देने वाले बच्चों की संख्या दो गुना हो गई है। उन्होंने कहा, इस अभियान में हर स्कूल से पांच बच्चों का जयन किया जाता है और हर बच्चा अपना नया आइडिया शेयर करता है।
अगस्त क्रांति का महीना
प्रधानमंत्री ने कहा, अगस्त क्रांति का महीना है। उन्होंने बताया कि एक अगस्त को लोकमान्य बालगंगाधर की पुण्यतिथि होती है। इसके बाद 7 अगस्त को ‘नेशनल हैंडलूम डे’ के 10 साल पूरे हो रहे हैं। आठ अगस्त को राष्ट्रपति महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन आरंभ हुआ था। वहीं 15 अगस्त को देश में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इससे एक दिन पहले यानी 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

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