पन्ना। पिछले एक दशक से अधिक समय से निरंतर पवई एवं शाहनगर क्षेत्र में केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से पानी के स्थाई समाधान के लिए अरबो रुपए की परियोजनाएं उपहार स्वरूप दी गई हालांकि कुछ क्षेत्रों में इन योजनाओं का लाभ किसानों को सत प्रतिशत पिछले कई वर्षों से मिलता चला रहा है लेकिन पिछले तीन-चार वर्षो से इन परियोजनाओं के रखरखाव के नाम पर जो खर्च केवल औपचारिकता प्रतीत हो रही है क्योंकि हम ऐसे मामले की ओर लिए चल रहे हैं जो शाहनगर उप संभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत रंगोली में स्थित भडरा तालाब के नाम से जाना जाता है यह तालाब भी जल संसाधन विभाग डिवीजन पवई तथा शाहनगर सबडिवीजन के अंतर्गत आता है यह तालाब भी लाखों रुपए की लागत से विभाग द्वारा बनाया गया था इस तालाब से सैकड़ो किसने की रोजी-रोटी लगी हुई है क्योंकि हजारों एकड़ सिंचाई भी इसी तालाब से किसानों की होती है इस वर्ष पर्याप्त बारिश होने के बावजूद भी अभी वर्तमान में केवल 60% पानी बचा हुआ है जिसका मुख्य कारण निरंतर रखरखाव का अभाव एवं रिशाव इस तालाब का रिसाव इतना तगड़ा है की प्रतिदिन दो -चार मीटर पानी प्रतिदिन जमीनी सतह से खिसक रहा है जिसकी शिकायत किशानो द्वारा जल संसाधन विभाग के एसडीओ से भी की गई लेकिन बेपरवाह अधिकारी द्वारा इस पर किसी भी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया गया तथा और भी अन्य जिम्मेवारों को भी किसानों द्वारा लगातार अवगत कराया जा रहा है और अभी तक विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का कोई एक्शन नहीं लिया गया तालाब का पानी केवल 60% ही बचा है अगर यही हाल रहा तो आगामी रवि की फसल के लिए किसानों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा होगा पिछले वर्ष भी विभाग को ग्रामीणों द्वारा इस समस्या की जानकारी दी गई थी तब हल्की फुल्की मिट्टी का छिड़काव कर औपचारिकता पूरी की गई थी इस वजह से समस्या जस की तस बनी है इस छिड़कावों का आखिर विभाग द्वारा कितना पेमेंट किया गया यह आगामी अंक में पता पड़ेगा लेकिन वर्तमान में इस क्षेत्र के किसानों को इस भयावह स्थिति से कैसे छुटकारा मिले इसके लिए सभी ग्रामीण एवं किसान शाह नगर में आगामी मुख्यमंत्री के दौरे के इंतजार में है जहां पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का गैर जिम्मेदारना पूर्ण रवैया से डॉ मोहन यादव को अवगत कराया जाएगा











