सोलर पम्प से बदली परशुराम की जिन्दगी

छतरपुर। जिले के ग्राम कैंड़ी के छोटे से किसान परशुराम कुशवाहा एक समय दिल्ली जाकर मजदूरी करते थे, आज वे अपने खेत में मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना से 3 एचपी का सोलर पम्प लगवाकर भरपूर सिंचाई कर रहे हैं। इसके अलावा इसी सोलर पम्प की मदद से मुर्गीपालन में पर्याप्त पानी देने से अच्छी खासी आमदनी के मालिक बन गए हैं।
परशुराम की शिक्षा आठवीं कक्षा तक ही हुई, पर अखबार पढ़कर दुनिया की जानकारी से वास्ता रखते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का वर्ष 2017 के जनवरी माह में नौगांव के कार्यक्रम की खबर परशुराम ने जब पढ़ी कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य सरकार किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पम्प उपलब्ध कराएगी। परशुराम ने दूसरे दिन ही ऊर्जा विकास निगम के छतरपुर स्थित अक्षय ऊर्जा कार्यालय जाकर प्रभारी अधिकारी निरपत सिंह राजपूत से सम्पर्क किया और 3 एचपी सोलर पम्प के लिए आवेदन कर दिया। कुछ समय बाद उन्हें सोलर पम्प लगाने की मंजूरी भी मिल गई। परशुराम ने हितग्राही अंश के रूप में मात्र 36 हजार 150 रूपए की राशि जमा की और मिले अनुदान से 3 लाख 41 हजार की लागत का सोलर पम्प उसके खेत में लग गया।
परशुराम कुशवाहा ने चर्चा में बताया कि कम जमीन में बिना पर्याप्त सिंचाई के अच्छी पैदावार होना मुश्किल काम था। डीजल अथवा बिजली पम्प से सिंचाई करने पर डीजल और बिजली बिल का खर्च वहन करना उसके लिए कठिन था। बिजली बिल जमा करने की परेशानी अलग से होती। ऐसे में उसकी सभी उम्मीद सोलर पम्प ने पूरी कर दी है।
परशुराम ने सोलर पम्प से सिंचाई कर रबी सीजन में गेहूं की पैदावार की है। खरीफ सीजन में सोयाबीन, मूंगफली एवं उड़द की बोवनी करने की तैयारी है। उसने लगभग 1 एकड़ में प्याज का उत्पादन कर अच्छी आय प्राप्त की है। वह खुशी-खुशी बताता है कि सोलर पम्प से पर्याप्त पानी मिलने पर उसने मुर्गीपालन का व्यवसाय भी शुरू किया है तथा वर्तमान में 4 गोडाउन बनाकर लगभग 12 हजार मुर्गियां पाल रखी हैं। छतरपुर शहर के अलावा राठ, पनवाड़ी एवं झांसी के डीलरों को मुर्गी बेचने पर उसे प्रतिमाह 20 से 22 हजार रूपए की आमदनी आसानी से हो जाती है। परशुराम के 5 सदस्यों के परिवार का खर्च आसानी से निकलने लगा हैं। वह अपने बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ा रहा है।

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