रेत खदान पर धुआंधार फायरिंग में विधायक के बेटों समेत कई पर मुकदमा लापरवाही बरतने पर तहसीलदार और थाना प्रभारी पर गिरी गाज, कलेक्टर, एसपी मौके

छतरपुर। लवकुशनगर अनुभाग के तहत गोयरा थाने के अंतर्गत कंदैला ग्राम पंचायत की
रामपुर रेत खदान पर कब्जे को लेकर यूपी और एमपी के रेत माफियाओं के बीच बुधवार
को हुई धुआंधार फायरिंग के मामले में यूपी के बांदा जिले में चंदला विधायक
आरडी प्रजापति के दो पुत्रों, पूर्व विधायक प्रतिनिधि सहित आठ लोगों को नामजद
करते हुए कई अन्य के खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट, फायरिंग, अपहरण, मारपीट का
मामला दर्ज किया गया है। मामले की नजाकत देखते हुए कलेक्टर रमेश भंडारी और
एसपी विनीत खन्ना ने आज रामपुर पहुंचकर मौका मुआयना किया। इस मामले में
लापरवाही बरतने पर गौरिहार तहसीलदार तथा गोयरा थानेदार को अटैच कर दिया गया
है।
गौरतलब है कि बुधवार को रामपुर रेत खदान पर कब्जे को लेकर यूपी और एमपी के रेत
माफियाओं में धुआंधार फायरिंग हुई थी। बताते हैं कि इस दौरान दोनों ओर से 500
राउंड गोलियां चली थीं। इस गोली बारी में चंदला विधायक आरडी प्रजापति के पूर्व
प्रतिनिधि रूद्रप्रताप पटेल को गोली लग गई थी। फिलहाल उसका ओरछा के रामराजा
अस्पताल में इलाज चल रहा है। उत्तर प्रदेश की ओर से यूपी के कोलावल घाट का
ठेका दिया गया है। रूद्र पटेल का आरोप था कि यूपी के रेत माफिया अपनी सीमा
छोडक़र एमपी की सीमा से रेत खनन कर रहे हैं।
बताया जाता है कि रूद्र पटेल खदान के सीमाकंन के लिए कन्दैला सरपंच को
लेकर गौरिहार तहसीलदार रामकिशोर झरवड़े सहित राजस्व कर्मचारियों और गोयरा थाना
प्रभारी बलराम सिंह राठौर व पुलिस फोर्स लेकर चार वाहनों से मौके पर गया था।
रूद्र पटेल और उनके साथियों ने खदान से यूपी के रेत माफियाओं की एक एलएनटी
मशीन जब्त कर ली थी। जिसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। विवाद होने
पर यूपी के रेत माफियाओं ने फायरिंग शुरू कर दी थी जिससे राजस्व अधिकारी और
पुलिस जान बचाकर भाग खड़ी हुई थी। बताते हैं कि इस तरफ से भी जवाबी फायरिंग की
गई लेकिन यूपी के रेत माफियाओं की संख्या ज्यादा होने से वे भारी पड़ गए।
उन्होंने अधिकारियों की गाडिय़ों में तोडफ़ोड़ कर दी। रामपुर गांव के कई घरों
में गोलियों के निशान मिले हैं। पुलिस को मौके से करीब 50 खोखे मिले हैं।
कलेक्टर रमेश भंडारी ने इस मामले में गौरिहार तहसीलदार श्री झरवड़े को
लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुए उन्हें कलेक्ट्रेट अटैच कर दिया है। जबकि
एसपी ने गोयरा थाना प्रभारी श्री राठौर को लाइन अटैच कर ओरछा रोड थाना प्रभारी
मुकेश शाक्य को थाने की कमान सौंप दी है। श्री शाक्य ने तत्काल गोयरा पहुंचकर
पद भी संभाल लिया।
गोयरा थाना पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को नामदज करते हुए कई अज्ञात
आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147,148,149, 307, 427, 294, 506 तथा आम्र्स
एक्ट की धारा 25/27 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। उधर उत्तरप्रदेश के बांदा
जिले के गिरवां थाने में चंदला विधायक आरडी प्रजापति के पुत्र बृजेश प्रजापति,
कमलेश प्रजापति, विधायक के पूर्व प्रतिनिधि रूद्र प्रताप पटेल, लखन, जगप्रसाद,
वंशीधर, राजाराम, पप्पू, आशीष निगम, रामपाल,राजाराम पटेल  को नामजद कर अन्य
अज्ञात लोगों पर आईपीसी की धारा 395, 397, 364,307,427 के तहत मुकदमा कायम
किया गया है। आरोपियों पर उत्तर प्रदेश के रामपुर घाट की रेत खदान पर फायरिंग
करने, मारपीट करने तथा बंदूक की नोंक पर रायल्टी के 5 से 7 लाख रुपए लूट लेने
का आरोप लगाया गया है।
खदानें बंद फिर कैसा सीमांकन :
कलेक्टर के आदेश से पूरे जिले की रेत खदानें 15 जून से बंद कर दी गई हैं। ऐसे
में राजस्व अमले का सीमांकन करने जाना प्रशासन को ही संदेह के दायरे में ला
रहा है। कलेक्टर के आदेश के बाद भी जिले भर में अभी भी रेत खदानें संचालित
हैं। कांग्रेस का आरोप है कि जिला प्रशासन और भाजपा नेता ये खदानें संचालित
करवा रहे हैं। कांग्रेस के आरोप इस गोली बारी से सही साबित हो रहे हैं। क्यों
कि विधायक के बेटे और पूर्व प्रतिनिधि सीमांकन कराने कैसे पहुंचे थे?

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