राजनैतिक स्वार्थ के लिए निवाड़ी जिले का विरोध

निवाड़ी|अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए भगवान एवं साधू संतों का उपयोग करना निंदनीय है। भगवान सर्वत्र मौजूद है तथा…
निवाड़ी|अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए भगवान एवं साधू संतों का उपयोग करना निंदनीय है। भगवान सर्वत्र मौजूद है तथा उन्हें कभी किसी से अलग नहीं किया जा सकता है, लेकिन कुछ लोग अपने राजनैतिक स्वार्थ के चलते लोगों के दु:ख दर्द की अनदेखी करके निवाड़ी को जिला बनाने का विरोध करके विकास में रोड़ा बन रहे है। यह बात भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री रामनारायण दुबे ने कही। उन्होंने कहा कि निवाड़ी जिला बनने से भगवान रामराजा का बंटबारा नहीं होता है। एेसा कहने वाले मंद बुद्धि ही कहे जाएंगे। यदि एेसा होता तो उप्र से उत्तराखंड बनने पर चारों धाम ही अलग हो गए थे, पर किसी ने इसका विरोध नहीं किया था। निवाड़ी को जिला बनाने का विरोध करने वाले लोग केवल अपने राजनैतिक लाभ के लिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साधु संतों का काम तो लोगों के कल्याण के लिए तप तपस्या करना होता है, लेकिन राजनैतिक स्वार्थ सिद्ध करने के लिए साधु संतों को ढ़ाल बनाना निंदनीय है।

आप टीकमगढ़ का विकास चाहते है तो निवाड़ी क्षेत्र की जनता अपने क्षेत्र का विकास चाहती है। आज भी निवाड़ी क्षेत्र की जनता को ढेड़ सौ किलोमीटर की यात्रा करके टीकमगढ़ अपने कार्य कराने जाना पड़ता है। इन लोगों के दर्द से विरोध करने वाले अनजान है। उन्हें जनता के दु:ख दर्द से कोई सरोकार नहीं है वह तो अपनी राजनीति चमकाना चाहते है।

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