मोर के शिकारियों पर वन और पुलिस अफसर मेहरबान शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं, पुजारी को हत्या की धमकी

 छतरपुर। राष्ट्रीय पक्षी मोर का अवैध शिकार कर उसका मांस पकाकर खाने वाले आरोपियों पर वन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी मेहरबान हैं। दोनों विभागों के अधिकारियों की मेहरबानी को लेकर लोगों में गहरा अचरज है। सिविल लाइन थाना इलाके में स्थित गुरैया हार में स्थित हनुमान एवं शंकरजी के मंदिर परिसर में फलदार वृक्षों और पौधों के बीच एक मादा मोर निवास करता था। मंदिर के पुजारी नारायणदास बाबा के मुताबिक विगत 11 अप्रैल की शाम गुरैया के आरोपी मुकेश अहिरवार, कैलाश अहिरवार, गौरीशंकर अहिरवार, रज्जी बाई अहिरवार, राधाबाई अहिरवार एवं प्रेम अहिरवार मोर को पकड़ ले गए थे। पुजारी के मुताबिक आरोपियों ने मोर का मांस पकाकर खा लिया था। मामले की लिखित शिकायत छतरपुर रेंजर से की लेकिन रैंजर ने आरोपियों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। पुजारी ने विगत 21 जून को इस मामले की लिखित शिकायत डीएफओ छतरपुर तथा पुलिस अधीक्षक से भी की है। पुजारी का इल्जाम है कि आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देने और फर्जी मामले में फंसवाकर बदनाम करने की धमकियां देकर शिकायत वापस लेने के लिए लगातार दवाब बना रहे हैं। पुजारी ने आशंका जताई है कि आरोपी  उसके साथ अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं और फर्जी मामले में फंसवा भी सकते हैं।

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