तृप्ति शाक्य के भजनों पर जमकर झूमे दर्शक देर रात तक चले कार्यक्रम का भारी जनसैलाब के साथ आंनद लेते रहे दर्शक

नौगांव। महाराजा छत्रसाल की जयंती के उपलक्ष्य में मऊसहानियां स्थित छत्रसाल शौर्य पीठ पर आयोजित दो दिवसीय विरासत महोत्सव का समापन जानी-मानी भजन गायिका तृप्ति शाक्य के भजनों और महाबली छत्रसाल के नाटक मंचन के साथ हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, पूर्व सांसद जीतेन्द्र सिंह बुंदेला, पूर्व विधायक उमेश शुक्ला, भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी, राज्यसभा सदस्य अजय प्रताप सिंह, विधायक भंवर राजा बतौर अतिथि उपस्थित रहे।
अतिथियों का स्वागत विरासत उत्सव समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह बुंदेला, मऊसहानियां सरपंच जयदेव सिंह बुंदेला ने किया। इसके बाद तृप्ति शाक्य के भजनों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उन्होंने अपने प्रसिद्ध भजन कभी राम बनके-कभी श्याम बनके गाकर दर्शकों को मंत्र-मुग्ध कर दिया। इसके बाद सत्य शिवम् सुन्दरम के अलावा कुछ फिल्मी भजन भी प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुति के समापन पर राधा कृष्ण की झांकियों के साथ स्वरूपों ने वृंदावन की होली खेली। तृप्ति शाक्य के होली गीत के साथ कलाकारों का नृत्य बेहद आकर्षक रहा। लगभग 2 घंटे तक प्रस्तुति देने के बाद विरासत के मंच पर शुरु हुआ नाट्य मंचन महाबली छत्रसाल। महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान द्वारा निर्मित एवं इप्टा की छतरपुर इकाई के कलाकारों द्वारा तैयार यह नाटक रंगकर्मी शिवेन्द्र शुक्ला द्वारा निर्देशित था। मुख्य भूमिका रंगकर्मी अंकुर यादव द्वारा निभाई गई। इसके अलावा 32 अन्य कलाकारों ने भी विभिन्न पात्रों में अपने अभिनय से जान फूंक दी।
कार्यक्रम के दौरान छत्रसाल दर्पण पत्रिका का विमोचन किया गया एवं कई विभूतियों को सम्मानित किया गया। महाराजा छत्रसाल गौरव सम्मान से सम्मानित होने वाली विभूतियों में अवंतीबाई ग्रुप ऑफ एजुकेशन के डायरेक्टर अशोक दीक्षित, व्ही न्यूज के डायरेक्टर दुर्गेश खरे, अशोक लीलैण्ड के डीलर नीरज चौरसिया, महाराजा छत्रसाल नाट्य मंचन समूह शामिल रहा। कार्यक्रम में विरासत उत्सव समिति को सफल बनाने वाले कार्यकर्ताओं एवं सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक उन्नति करने वाले स्कूली बच्चों को भी सम्मानित किया गया।

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