डोली उठनी थी, लेकिन उठ गई अर्थी होने वाले दूल्हे ने दुल्हन की अर्थी को कंधा देकर किया दुनिया से विदा

छतरपुर। एक 20 वर्षीय युवती की शादी होकर डोली उठनी थी लेकिन अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई और जिस दिन डोली उठनी थी उसी दिन परिजनों को भरे मन से उसकी अर्थी उठानी पड़ी। दूल्हे को उसे विदा कराकर ससुराल ले जाना था किन्तु विधि का विधान देखिए उसी होने वाले दूल्हे को अपनी भावी जीवनसंगिनी की अर्थी को कंधा देकर उसे दुनिया से विदाई देने को मजबूर होना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक लवकुशनगर थाने के परसतपुर गांव की युवती की शादी बेहरपुरा गांव के युवक के साथ हो रही थी। शुक्रवार को तिलक का प्रोग्राम था, बारात घर पहुंचती उससे पहले ही शुक्रवार देर शाम दुल्हन पूजा पटेल अचानक बीमार हो गई। परिजनों से उसे लवकुशनगर के अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान ही शनिवार की दोपहर दुल्हन की हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई जिससे उसकी मौत हो गई। दूल्हा मनोज पटेल को अपनी दुल्हन के बीमार होने की जानकारी लगी तो वह शुक्रवार की रात में ही बारात को छोड़कर जिला अस्पताल पहुंच गया। यहां पर उसने पूरी रात दुल्हन पूजा की देखभाल की, पर वह उसे बचा नही सका। डॉक्टरों के मुताबिक दुल्हन की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई। दुल्हन की जिस दिन डोली उठनी थी, उसी दिन उसकी अर्थी उठ गई। पूजा की मौत के बाद दूल्हा जिला अस्पताल के एक कोने में बैठकर बहुत देर तक रोता रहा। दूल्हा परिजनों के साथ दुल्हन के गांव पहुंचा और उसने जीवनसंगिनी न बन पाने वाली दुल्हन की अर्थी को कंधा देते हुए इस दुनिया से विदा किया। इस घटनाक्रम से दूल्हा मनोज बेहद गमगीन और सदमे की हालत में है।
दुल्हन के पिता महादेव पटेल ने बताया कि वे बेटी की शादी बड़े ही धूमधाम से कराना चाहते थे। इसलिए बेटी को देने के लिए एक लाख रुपए के सोने और चांदी के गहने खरीदे। बेटी के नए जीवन में खुशियों की कल्पना करके परिवार के सदस्यों ने उसकी इच्छा के कपड़े व अन्य सामान की खरीदारी उसे बाजार ले जाकर कराई। पर अब बेटी की मौत से पूरे परिवार के अरमान धरे के धरे रह गए। अचानक उसके बीमार होने और फिर इस दुनिया से विदा हो जाने के कारण परिवार के लोग गहरे सदमें में हैं। कोई कुछ भी नहीं समझ-समझा नहीं पा रहा है। दुल्हन के पिता कह रहे हैं एकदम से मेरी बच्ची को क्या हो गया। जिस बेटी को बड़े अरमानों से उसके ससुराल विदा करने की तैयारी थी, उसे इस दुनिया से विदा करना पड़ा। शनिवार को हाथों में मेहंदी लगी दुल्हन की डोली उठने के स्थान पर उसकी अर्थी उठ गई।

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