डेरा पहाड़ी पर हुई तीन विशाल-भव्य मूर्तियों की स्थापना

छतरपुर। प्रसिद्ध दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र डेरापहाड़ी परिसर में राजस्थान से बन कर आईं विशालकाय और टनों वजनी पत्थर की तीन मूर्तियों को नई क्रेनों के जरिए राजस्थान से आए विशेषज्ञों की देखरेख में आज विशाल वेदी पर स्थापित किया गया। इसके पूर्व प्रतिष्ठाचार्य निशांत भैयाजी टीकमगढ़ के निर्देशन में भगवान बाहुबली हाल में भगवान शांतिनाथ विधान सपंन्न हुआ।
जैन समाज के डॉ. सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि डेरा पहाड़ी पर कुछ समय पूर्व एक भव्य हाल में विशाल वेदी पर राजस्थानी काले पत्थर की तीन विशालकाय मूर्तियों को विराजमान करने का निर्णय लिया था। इस निर्णय के बाद सांगानेर(जयपुर) के जानेमाने मूर्ति निर्माताओं से तीन भव्य मूर्तियां बनवा कर लाई गईं। इस बीच डेरापहाडी में विशाल वेदी बन कर तैयार हो गई। आज शुभ मुहूर्त में धार्मिक अनुष्ठान के साथ तीन क्रेनों ने राजस्थान से आए विशेषज्ञ कारीगरों की मदद से मूर्तियों को मंत्रोच्चार के साथ वेदी पर स्थापित किया गया।
सबसे पहले 13 टन की सबसे वजनी भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति वेदी के बीच में विराजमान की गई। यह भव्य मूर्ति ज्ञानचन्द प्रदीप कुमार चौधरी परिवार के सौजन्य से स्थापित की गई। इसके बाद 11-11 टन वजनी दो और मूर्तियां वेदी पर स्थापित की गई। सुरेश चंद्र मुकेश कुमार जैन ग्रेनाइट एवं परिजनों द्वारा भगवान नेमिनाथ की एवं सुरेशजैन पीटीआई , सुधीर जैन एवं समाज के महामंत्री स्वदेश जैन के परिजनों के सौजन्य से मुनि सुब्रतनाथ की मूर्तियां समारोहपूर्वक स्थापित की गईं। अब शीघ्र ही वेदी और विशाल मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

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