जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष के चुनाव में अचानक पलट गई बाजी विद्या अग्निहोत्री का पर्चा निरस्त, करुणेन्द्र निर्विरोध निर्वाचित डायरेक्टरों के अपहरण की कोशिश, पुलिस से हुई झूमा-झटकी

छतरपुर। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष केे चुनाव में शनिवार को येन वक्त पर बाजी पलट गई और अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार विद्या अग्निहोत्री का नामांकन पत्र ही निरस्त हो गया जिससे करुणेन्द्र प्रताप सिंह निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए। इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाले जयकृष्ण उर्फ़ नन्नू चौबे को उपाध्यक्ष की कुर्सी मिल गई। राजनैतिक हलकों में चल रही चर्चाओं की माने तो यह सब कुछ संगठन के इशारे पर हुआ। क्योंकि संख्या बल के हिसाब से विद्या अग्निहोत्री का अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा था।
बैंक के निर्वाचन अधिकारी पीआर काबडकर ने आज सुबह चुनाव प्रक्रिया शुरू की। नन्नू चौबे अपने गुट के डायरेक्टरों को लेकर नीले रंग की कार से लेकर बैंक के दूसरे गेट के पास पहुंचे ही थे कि कुछ नकाबपोश लोगों ने उनकी कार रोक ली और जबरन दरवाजा खोलकर डायरेक्टरों को नीचे उतारने की कोशिश करने लगे। डायरेक्टरों ने पहले ही अपहरण की आशंका जताई थी। फिर भी  इस दौरान पुलिस बल काफी कम था जिससे उपद्रवियों और पुलिस के बीच झूमा-झटकी होती रही। तभी ड्राइवर ने तेजी से कार बैक की और मेन गेट पर ले आया। इस दौरान उपद्रवियों ने कार पर जमकर पथराव किया। लेकिन इस सबके बावजूद उपद्रवी डायरेक्टरों को अपने कब्जे में लेने के मकसद में कामयाब नहीं हो सके। माहौल बिगड़ने की खबर फैलते ही कलेक्टर, एसपी समेत तमाम आला अधिकारी मौके पर आ गए और मोर्चा संभाल लिया। आनन-फानन में पुलिस लाइन और आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुला कर तैनात कर दिया गया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कुछ बल का प्रयोग भी किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त कर दी। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के चुनाव में जहां एक ओर सदस्यों को लेनदेन और बरगलाकर उन्हें अपनी ओर खींचने का प्रयास किया जा रहा था वहीं दूसरी ओर दूसरे गुट के लोगों की सांठगांठ न बैठ पाने के कारण वे नाराजी दिखा रहे थे। कुछ देर तो माहौल शांत रहा लेकिन फिर भाजपाई एकत्र हो गए और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे।  इस मौके पर भाजयुमो जिला अध्यक्ष मणिकांत चौरसिया, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह टुरया, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री दिलीप अहिरवार, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष द्रोपदी कुशवाहा, पिछड़ा मोर्चा के पूरन कुशवाहा, राजू सरदार, प्रतीक खरे सहित अनेक प्रमुख नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। सरकार भले ही पारदर्शिता की बात करती हो लेकिन बैंक चुनाव में मीडिया को बैंक परिसर में जाने की इजाजत भी नहीं दी गई।
जानकारी के अनुसार जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष के चुनाव के लिए लवकुशनगर के डायरेक्टर करुणेन्द्र प्रताप सिंह और बड़ामलहरा के डायरेक्टर विद्या अग्रिहोत्री द्वारा नामांकन फार्म दाखिल किये गये। चर्चाओं पर यकीन करें तो स्थानीय भाजपाईयों के दबाव के चलते ऊपर से इशारा मिलते ही विद्या अग्रिहोत्री का नामांकन फार्म निरस्त कर दिया गया और भारी उथल पुथल के बीच करुणेन्द्र प्रताप सिंह निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित कर दिए गए। जबकि जयकृष्ण उर्फ़ नन्नू चौबे उपाध्यक्ष निर्वाचित हो गए। गुबंदी सौंर कृभको प्रतिनिधि, हरिराम यादव इफ्को प्रतिनिधि, कमला वर्मा राज्य सहकारी संघ प्रतिनिधि और जयकृष्ण चौबे को मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक प्रतिनिधि निर्वाचित घोषित कर दिया गया। भाजपा समर्थित डायरेक्टर करुणेन्द्र प्रताप सिंह के अध्यक्ष चुने जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके बाहर निकलते ही समर्थकों ने उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया।
जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान आकाशवाणी तिराहे पर भाजपाईयों ने पुलिस और जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाये और चक्काजाम का भी प्रयास किया लेकिन चक्काजाम नहीं हो सका। पुलिस को भीड़ पर नियंत्रण करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस छावनीं में बदला बैंक परिसर
अध्यक्ष के चुनाव के दौरान जिला सहकारी बैंक परिसर पुलिस छावनीं बना रहा। शुरुआत में ही उपद्रव हो जाने से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कलेक्टर रमेश भंडारी, एसपी विनीत खन्ना, अपर कलेक्टर डीके मौर्य, एडीशनल एसपी जयराज कुबेर, एसडीएम रविंद्र चौकसे, सीएसपी राकेश शंकवार, कोतवाली टीआई संधीर चौधरी, सिविल लाइन और ओरछा रोड टीआई, रक्षित निरीक्षक, पुलिस का वज्र वाहन इस दौरान मौजूद रहा। उपद्रवियों से निपटने के लिए आंसू गैस लिए पुलिस चौकस बनी रही। बीच में डीआईजी अनिल माहेश्वरी भी बैंक पहुंचे और जायजा लिया।    

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