कुपोषणमुक्त करने में खरे नहीं उतर रहे कर्मचारी : कमिश्नर बिजावर में स्वास्थ्य एवं पोषण संवाद कार्यक्रम में मैदानी अमले को दी नसीहत


छतरपुर। सागर कमिश्नर मनोहर दुबे ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को पोषण आहार के साथ-साथ उनको स्वस्थ्य रहने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और एएनएम की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन वे इसमें खरे नहीं उतर रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर उनको अच्छा वातावरण बनाने में मदद करने की रणनीति बनाए जाने की आवश्यकता है। श्री दुबे आज बिजावर में जीवन के प्रथम 1000 स्वर्णिम दिवस के संदर्भ में स्वास्थ्य एवं पोषण संवाद कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर रहे थे।
श्री दुबे ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का पंजीयन समय पर हो इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और एएनएम सामंजस्य बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि खुद को विश्वास होना चाहिए तभी आप दूसरों को समझा पाएंगी। स्वास्थ्य एवं पोषण के संदर्भ में शासन की योजनाओं को पहले स्वयं समझें तभी गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ्य रहने और पोषण आहार की समझाइश दे सकेंगे। श्री दुबे ने किसी कार्यकर्ता को मन में आशंका हो इस विषय पर खुलकर चर्चा करना चाहिए।
महिलाओं का शत प्रतिशत पंजीयन हो
कमिश्नर ने बताया कि छतरपुर जिले की गर्भवती महिलाओं का तकरीबन 68 फीसदी पंजीयन होता है। अबकी बार जब इस तरह का संवाद होगा। उसमें महिलाओं का शत प्रतिशत पंजीयन होना चाहिए। संवाद में उपस्थित सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे मुस्तैदी के साथ शत प्रतिशत पंजीयन कराएंगी।
जानबूझकर अपराधों की अनदेखी करना बड़ा अपराध
श्री दुबे ने कहा कि गर्भवती महिला या नवजात शिशु कुपोषण की स्थिति में मृत्यु को प्राप्त हो जाता है तो यह सबसे बड़ा अपराध है। वह इसलिए कि सरकार उनके लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को क्रियान्वित कर रही है। ऐसे में इन लोगों तक सभी बात हम पहुंचा नहीं पा रहे। इसका मतलब है कि हम अपने दायित्वों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति निर्मित न हो इसके लिए अपनी ड्यूटी को सही ढंग से करें। ताकि गर्भवती महिलाओं को अच्छे स्वास्थ्य और पोषण आहार की शत प्रतिशत सुविधा दे सकें।
कलेक्टर रमेश भण्डारी ने कहा कि इस मामले में अभी तक पिछड़े रहने का मूल कारण पंजीयन, टीकाकरण, जांच और अन्य सुविधाओं के मामले में समन्वय की कमी है। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डा. संतोष जैन और संयुक्त संचालक महिला बाल विकास शशि श्याम उइके ने संबंधित विभाग मेें महिलाओं के संदर्भ में संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। प्रारंभ में गर्भवती महिलाओं पर केंद्रित वीडियो का प्रेजेंटेशन किया गया। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ हर्ष दीक्षित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. व्हीएस वाजपेयी भी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*